श्री महाकालेश्वर मंदिर में सभी प्रमुख त्यौहारों की तरह रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान भगवान महाकाल को राखियां पहनाई गई। आज सावन के अंतिम सोमवार को बाबा महाकाल का राजा स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया। साथ ही उनके मस्तक पर मुकुट, स्वर्ण सर्प, चंद्र और त्रिपुंड से अलौकिक श्रृंगार किया गया
महाकाल मंदिर में सबसे पहले रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में श्रावण मास के दौरान भस्म आरती करने वाला पुजारी परिवार भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डू का भोग लगाता है। पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा बनाई गई राखी भगवान महाकाल को बांधी गई।
रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि 2.30 बजे भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को राखी बांधी गई। इसके बाद भगवान को सवा लाख लड्डू का महाभोग लगाकर आरती की गई। भक्तों को दिनभर लड्डू महाप्रसादी का वितरण होगा।महाकाल मंदिर पुजारी परिवार की महिलाओं ने भगवान के लिए विशेष राखी तैयार की थी।
राखी बांधने के बाद भगवान को सवा लाख लड्डू का महाभोग लगाकर आरती की गई।


