रिपोर्ट इंद्र कुमार पटेल
किस प्रकार बच्चे कीचड़ को झेलते हुए जाते हैं विद्यालय
तहसील ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिंडरई में आप देख सकते हैं की किस प्रकार से सचिव सरपंच की मनमानी के चलते कितनी मुसीबत को झेलते हुए बच्चे विद्यालय पहुंच रहें है जहां एक तरफ शासन प्रशासन के द्वारा योजना चलाई जा रही है बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ लेकिन ग्राम पंचायत पिंडरई में आप देख सकते हैं की छोटी-छोटी बच्चियों छोटे-छोटे बच्चे कितने कीचड़ भरे दलदल रास्ते से निकालकर विद्यालय जा रहें हैं एवं इस कीचड़ से निकलने के लिए बच्चों के परिजनों को भी आना पड़ता है यदि बच्चों के परिजन ना हो तो बच्चे विद्यालय नहीं जा सकते क्योंकि बच्चों का अकेले कीचड़ से निकालना बहुत मुश्किल हो
जाता है बच्चे फिसल कर गिरते हैं ड्रेस खराब होती है एवं अकेले बच्चों को निकालने में डर भी लगता है ऐसी स्थिति में शासन प्रशासन भी मौन है सचिव सरपंच के साथ जिम्मेदार अधिकारी भी मौन है यदि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की कोई दुर्घटना घटित होती है तो इसका जवाबदार कौन


