रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। भा.म.सं. से संबद्ध न.पा.कर्म. मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया है कि औधोगिक विवाद अधिनियम 1947 के अंतर्गत संभाग कार्यालय श्रम विभाग में दिनांक – 18/01/2024 में कर्मचारियों के हित संरक्षण में शासन आदेश, सुप्रीम कोर्ट आदेश, हाईकोर्ट आदेश व समय-समय पर संगठन से किये समझौते के पालन में प्रकरण दर्ज किया गया है। चार पांच सुनवाई पेशी पर नगरपालिका से एवं नगरीय प्रशासन विभाग संभाग कार्यालय से किसी के द्वारा भी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई गई जिससे सिध्द होता कि इनको कानून का बिल्कुल भी खौफ नहीं है अवमानना पर अवमानना करना इनकी आदत बन गई है ।
मजदूर संघ के पत्र दिनांक – 28/05/2024 आठ सूत्रीय मांग पत्र पर क्या कार्यवाही कि गई है को लेकर कार्यालय कलेक्टर जनसुनवाई में दिनांक – 02/07/2024 दिया गया है जिसकी जानकारी नगरपालिका के द्वारा आज तक नहीं दी गई है। जनसुनवाई के लिए जबाब तैयार किया गया वही दस्तावेज कोर्ट लिपिक के माध्यम से श्रम विभाग कि सुनवाई पेशी में दिये जा रहे थे जो प्रकरण से संबंधित नहीं है दिनांक – 18/01/2024 में नगरपालिका कि आवक-जावक शाखा में लगभग 45 पेज का आवेदन पत्र दिया गया है। स्थापना शाखा कि लापरवाही के कारण उक्त दस्तावेज लापता हो गए हैं । श्रम विभाग के द्वारा प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों कि छाया प्रति कोर्ट लिपिक को देकर कार्यवाही किये जाने हेतु नगरपालिका को आठ दिन का समय दिया गया है। समयावधि के पश्चात श्रम विभाग इंदौर के लिए संबंधित प्रकरण प्रेषित कर दिया जावेगा । स्थापना शाखा कि कार्य के प्रति लापरवाही जग जाहिर है इसके बाद भी नगरपालिका सीएमओ स्थापना शाखा से संबंधित लिपिक का भारी विरोध के बाद स्थानांतरण नहीं कर रही है ,खैर ये उनका व्यक्तिगत मामला है ।
मजदूर संघ नगरपालिका सीएमओ से अपेक्षा करता है कि शासन आदेश, माननीय न्यायालयों के आदेश, मजदूर संघ से किये समझौते का पालन कर्मचारियों के व पालिका के हित को देखते हुए सही व नियमानुसार कार्यवाही करके चलायमान श्रम विभाग के प्रकरण में दी गई समयावधि के भीतर सही जबाब प्रस्तुत करे स्थापना शाखा का मौहरा बनने से बचे ।


