कटनी-जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय,कृषि विज्ञान केंद्र कटनी में दिनांक 12 जुलाई 2024 को वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया l जिसमें 42 सदस्यों ने भाग लिया l इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ डी पी शर्मा ,संचालक विस्तार सेवाएं ,जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा की गई l कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ संजय वैशम्पायन के नेतृत्व में किया गया l इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, संचालक विस्तार सेवाएं के तकनीकी अधिकारी/वैज्ञानिक डॉ पी के गुप्ता एवं कृषि विज्ञान केंद्र कटनी के वैज्ञानिक डॉ अर्पिता श्रीवास्तव, डॉ आर पी बेन, डॉ के पी द्विवेदी
श्री संदीप चंद्रवंशी उपस्थित थे l कृषि विभाग,उद्यानिकी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग बीज निगम एनजीओ के अधिकारी एवं कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं के साथ जिले के प्रगतिशील कृषकों ने कार्यक्रम में विभिन्न कृषि तकनीकी जानकारी प्राप्त की l कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अर्पिता श्रीवास्तव ने रबी 2023 24 की प्रगति एवं खरीफ 2025 की कार्य योजना को प्रस्तुत किया l जिसको कृषि विश्वविद्यालय के संचालक विस्तार सेवाऐ डॉ डी पी शर्मा ने अवलोकन किया एवं विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव दिए कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ डी पी शर्मा संचालक विस्तार सेवाएं जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर ने कार्यक्रम की सराहना की और सुझाव दिए कि जिले के लिए कृषि विज्ञान केंद्र और अच्छे से काम करें एवं कोदोऔर कुटकी के प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए ,कड़कनाथ की मार्केटिंग एवं ट्रेनिंग की जानकारी दी जाए और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित जैव उर्वरक को कृषि विज्ञान केंद्र में विक्रय हेतु उपलब्ध करवाए जाएं कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संचालक विस्तार सेवाएं डॉ डी पी शर्मा ने एक पेड़ मां के नाम पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया l इस कार्यक्रम के तहत 350 पौधों का वृक्षारोपण केंद्र में किया गया साथ ही सभी सदस्यों ने केंद्र में बोई गई खरीफ फसलों के अवलोकन हेतु प्रक्षेत्र का भ्रमण किया l कार्यक्रम का संचालन डॉ आर पी बेन ने किया एवं कार्यक्रम मैं आए हुए सदस्यों का धन्यवाद डॉ के पी द्विवेदी द्वारा किया गया l कार्यक्रम वैज्ञानिक सलाहकार समिति की परिचर्चा बहुत ही सराहनीय एवं सार्थक रही ।
हरिशंकर बेन


