• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Monday, September 7, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश कटनी

*नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर विजयराघवगढ़ पुलिस तैयार* *भारतीय न्याय प्रणाली को अंग्रेजों के बनाए कानून से मिली मुक्ति* *न्याय केंद्रित हैं तीनों नए आपराधिक कानून, आज से होंगे लागू*

by Manish Gautam Chiefeditor
July 1, 2024
in कटनी
0
*नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर विजयराघवगढ़ पुलिस तैयार*  *भारतीय न्याय प्रणाली को अंग्रेजों के बनाए कानून से मिली मुक्ति* *न्याय केंद्रित हैं तीनों नए आपराधिक कानून, आज से होंगे लागू*
0
SHARES
0
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

विजयराघवगढ़।देशभर में आज (1 जुलाई) से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS),क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू हो चुका है। नए कानूनों के लागू होने को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस भी पूरी तरह तैयार है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन तीनों कानूनों का उद्देश्य विभिन्न अपराधों और उनकी सजाओं को परिभाषित कर देश में आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलना है। नए कानून लागू होने से भारत की न्याय प्रणाली आईपीसी के तहत अंग्रेजों द्वारा बनाए गए औपनिवेशिक कानूनों से मुक्त हो चुकी है। ये कानून दंड नहीं बल्कि न्‍याय केन्द्रित है।

देशभर में आज (1 जुलाई) से लागू नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस ने भी तैयारी कर ली है। कार्यक्रम में एसडीओपी के.पी.सिंह पुलिस विजयराघवगढ़ एवं थाना प्रभारी रितेश शर्मा विजयराघवगढ़ द्वारा जनप्रतिनिधि सहित नगर के बुद्धिजीवी लोगों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूल के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थितजन को नए कानूनों के बारे में जागरूक किया गया।
उल्लेखनीय है कि नए कानूनों के संबंध में प्रदेशभर में 60 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। उन्हें बदलावों के संबंध में बताया गया है। इसके अतिरिक्त सॉफ्टवेयर में किस तरह से एंट्री की जानी है, साक्ष्य कैसे एकत्र किए जाने हैं, इन सभी बिंदुओं के बारे में भी पुलिसकर्मियों को जानकारी दी गई है। प्रदेश पुलिस ने 31 हजार से अधिक विवेचकों को प्रशिक्षित किया है। इसके साथ ही सीसीटीएनएस में भी नए कानूनों से संबंधित बदलाव कर लिए गए हैं, जो 30 जून की रात 12 बजे से प्रभावी हो चुके हैं। सभी जिलों में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) का संचालन करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को भी बताया गया है कि वह दैनिक रिपोर्ट सीसीटीएनएस में किस तरह अंकित करें।

*महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान*

नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के लिए सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं। प्रस्तावित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में पहला अध्याय अब महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से संबंधित सजा के प्रावधानों से संंबंधित है। इन प्रावधानों के अनुसार जहां बच्चों से अपराध करवाना व उन्हें आपराधिक कृत्य में शामिल करना दंडनीय अपराध होगा वहीं नाबालिग बच्चों की खरीद-फरोख्त जघन्य अपराधों में शामिल की जाएगी। नाबालिग से गैंगरेप किए जाने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। नए कानूनों के अनुसार पीड़ित का अभिभावक की उपस्थिति में ही बयान दर्ज किया जा सकेगा। इसी प्रकार नए कानूनों में महिला अपराधों के संबंध में अत्यंत सख्ती बरती गई है। इसके तहत महिला से गैंगरेप में 20 साल की सजा और आजीवन कारावास, यौन संबंध के लिए झूठे वादे करना या पहचान छिपाना भी अब अपराध होगा। साथ ही पीड़िता के घर पर महिला अधिकारी की मौजूदगी में ही बयान दर्ज करने का भी प्रावधान है। इस प्रकार नए कानून में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध घटित करने वालों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कड़ी सजा के प्रावधान हैं।

*नए कानूनों में खास*

अदालतों में पेश और स्वीकार्य साक्ष्य में इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड, ईमेल, सर्वर लॉग, कंप्यूटर, स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसएमएस, वेबसाइट, स्थानीय साक्ष्य, मेल, उपकरणों के मैजेस को शामिल किया गया है। केस डायरी, एफआईआर, आरोप पत्र और फैसले सहित सभी रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड का कानूनी प्रभाव, वैधता और प्रवर्तनीयता कागजी रिकॉर्ड के समान ही होगी। अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी न्यायालयों में पेशी हो सकेगी। अब 60 दिन के भीतर आरोप तय होंगे और मुकदमा समाप्त होने के 45 दिन में निर्णय देना होगा। वहीं सिविल सेवकों के खिलाफ मामलों में 120 दिन में निर्णय अनिवार्य होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत मामलों की तय समय में जांच, सुनवाई और बहस पूरी होने के 30 दिन के भीतर फैसला देने का प्रावधान है। इसी प्रकार छोटे और कम गंभीर मामलों के लिए समरी ट्रायल अनिवार्य होगा। नए कानूनों में पहली बार अपराध पर हिरासत अवधि कम रखी जाने व एक तिहाई सजा पूरी करने पर जमानत का प्रावधान है। साथ ही किसी भी शिकायतकर्ता को 90 दिन में जांच रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा और गिरफ्तार व्यक्ति की जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी।

*नए कानूनों से होने वाले लाभ*

ई-एफआईआर के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करने होंगे। नए बदलावों के तहत जीरो एफआईआर को कानूनी तौर पर अनिवार्य कर दिया है। फरियादी को एफआईआर, बयान से जुड़े दस्तावेज भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। फरियादी चाहे तो पुलिस द्वारा आरोपी से हुई पूछताछ के बिंदु भी ले सकता है। यानी वे पेनड्राइव में अपने बयान की कॉपी ले सकेंगे।पुलिस हेल्प लाइन 1930 फ्रॉड कॉल से बचने के लिए इस प्रकार नए कानूनों में आमजन को बहुत सारे लाभ प्रदान किए गए हैं।
*उपस्थितगण*
डॉक्टर विनोद,डॉक्टर,परमार,, अधिवक्ता,शिवदत्त उर्मलिया,मंजू बर्मन,कामता गुप्ता,नीरज तिवारी,मंडल अध्यक्ष जयवंत सिंह चौहान,महामंत्री आशुतोष सराफ, नगर परिषद उपाध्यक्ष हरिओम बर्मन,पूर्व सरपंच सुशील कुमार साहू,पार्षद बलराम गुप्ता,पार्षद साहब लाल,स्कूल के शिक्षक गण,एवं गर्ल्स स्कूल की शिक्षिकाएं क्षेत्र छात्राएं गणमान्य नागरिक,निजाम भाई पत्रकार बंधु,थाना प्रभारी रितेश शर्मा, उपनिरीक्षक योगेश मिश्रा,जगदीश प्रसाद पांडेय, निरीक्षक अरविंद गर्ग,अंजनी झा,लालू यादव,थाना स्टाफ उपस्थित रहे

सुरेश सेन की खास रिपोर्ट

Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post
नया कानून लागू होने पर पुलिस प्रशासन ने निकाली बाइक रैली

नया कानून लागू होने पर पुलिस प्रशासन ने निकाली बाइक रैली

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.