कालापीपल(बबलू जायसवाल)पूरा मामला यूं ही है कि नगर परिषद पानखेड़ी सीएमओ शासन के नियम को ही ताक ताक में रखकर अपनी ड्यूटी बजा रहा है।जबकि केन्द्र सरकार गाड़ियों पर हूटर लगाना पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा रखा है।वीआईपी कल्चर को खत्म कर दिया। लेकिन न जाने कौन से आदेश के तहत अपनी गाड़ी पर हूटर लगाकर लोगों को अपने पद का रोब दिखा रहे है।
एम्बुलेंस,फायर बिग्रेड की गाड़ियों मे RTO, इमरजेंसी की हालत में पुलिस गाड़ियों में लगा सकती है।हूटर-सायरन. जबकि अन्य वाहनों में हूटर लगाना कानूनी अपराध है।
1 मई 2017 को केंद्र सरकार ने वीआईपी कल्चर यानी गाड़ियों से लाल बत्ती लगाने पर रोक लगा दी गई थी।निर्देश में कहा गया था कि कोई भी नेता,मंत्री,सांसद, विधायक या अफसर अब अपनी गाडियों में लाल बत्ती का उपयोग नहीं करेंगे,वहीं केंद्र सरकार के निर्देश के बाद वीआईपी वाहनों से लाल बत्ती तो हटा दी गई,लेकिन इसके जगह अब हूटर सायरन ने ले ली है।सार्वजनिक मंचों से सभी नेताओं और अधिकारियों से वीआईपी कल्चर ख़त्म करने बातें भी करते हैं।लेकिन गाड़ियों में लाल बत्ती की जगह अब हूटर सायरन 7 साल गुजर जाने के बाद भी मध्य प्रदेश में अफसर खुद कानून का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं।जैसा देखने में आया है कि नगर परिषद पानखेड़ी के सीएमओ संतोष पाराशर द्वारा मोटर अधिनियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और पुलिस खामोशी देख रही है।आम आदमी के वाहनों की चेकिंग कर कार्रवाई कर दी जाती है,लेकिन चार पहिया वाहनों पर लगे हूटर हटवाने की जहमत कोई नहीं करता,सीएमओ द्वारा अपने निजी वाहन पर हूटर लगाकर अपने आप वीवीआईपी बने हुए हैं ओर खुद ही कानून का उलंघन कर रहे हैं।..


