कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देश पर जिले में लंबित सीमांकन प्रकरणों के निराकरण हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान में गति आई है। मैदानी राजस्व अमला और राजस्व अधिकारियों के सद्प्रयासों की वजह से अभियान के दौरान अब तक 2144 सीमांकन प्रकरण निपटाये जा चुके है। जिले भर में सीमांकन प्रकरणों के निराकरण का कार्य अभी भी निरंतर रूप से जारी है।
कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा राजस्व अधिकारियों को आर.सी.एम.एस. पोर्टल पर लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज लंबित सीमांकन प्रकरणों को समय-सीमा में प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए गये थे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि वर्तमान में खेतों से फसल की कटाई हो जाने से खेत खाली है। जिससे सुविधाजनक ढंग से सीमांकन कार्य किया जा सकता है। कलेक्टर के निर्देश के बाद जिले में सीमांकन प्रकरणों के निराकरण की दिशा में हुई कारगर पहल की वजह से इसके निराकरण में गति परिलक्षित हुई है।
कलेक्टर हर दिन कर रहे समीक्षा
कृषकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री प्रसाद और अपर कलेक्टर श्रीमती साधना परस्ते द्वारा सीमांकन प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। सीमांकन प्रकरणों के निपटारे में आई तेजी की वजह से बड़ी संख्या में किसान भाइयों से सीमांकन के आवेदन प्राप्त हो रहे है।
किसानों की संतुष्टि के साथ हो रहा सीमांकन
कलेक्टर के निर्देश पर संचालित विशेष अभियान के तहत निराकृत सीमांकन प्रकरणों के प्रति किसानों का भरोसा बढ़ा है। निराकृत प्रकरणों का आर.सी.एम.एस. पोर्टल में दर्ज मामलों पर किसान भी खुश है।
ढ़ीमरखेड़ा तहसील अव्वल
कलेक्टर के निर्देश के बाद सीमांकन प्रकरणों के निराकरण के मामले में जिले की तहसीलों में ढ़ीमरखेड़ा तहसील 337 सीमांकन प्रकरणों का निराकरण कर अव्वल स्थान पर है। जबकि कटनी नगर 270 मामलों के निपटारे के साथ दूसरे स्थान पर है और स्लीमनाबाद तहसील ने 258 सीमांकन प्रकरणों का निपटारा कर तीसरे पायदान पर है। इसी प्रकार रीठी तहसील मे 241 सीमांकन प्रकरण निपटाये गये। इस प्रकार रीठी तहसील सीमांकन प्रकरणों के निराकरण के मामले में जिले में चौथे स्थान पर है।
जिले की बरही तहसील 238 सीमांकन प्रकरण निपटाकर पांचवें, बहोरीबंद तहसील 213 सीमांकन प्रकरण निराकृत कर छठवें पायदान पर और विजयराघवगढ़ तहसील 204 सीमांकन प्रकरण के निपटारे के साथ सातवें और बड़वारा तहसील 201 प्रकरण निराकृत कर आठवें स्थान पर है। जबकि कटनी तहसील 182 प्रकरणों के निपटारे के साथ अंतिम पायदान पर है।


