कटनी ( 28 मार्च ) – केबल टेलीविजन रेगुलेशन एक्ट 1995 के सेक्शन 6 में दिये गये प्रावधानों के अनुसार अभ्यर्थी अथवा उनका एजेन्ट या कोई भी व्यक्ति केवल नेटवर्क के द्वारा किसी भी ऐसे विज्ञापन का प्रसारण या पुनः प्रसारण नहीं कर सकेंगे, जो निर्धारित विज्ञापन कोड का पालन नहीं करते हो। केबल टेलीविजन नेटवर्क रेगुलेशन नियम 1994 के नियम 7 के उप नियम 3 के अनुसार कोई विज्ञापन जिसकी विषयवस्तु मुख्य रूप से धार्मिक या राजनैतिक प्रकृति की हो और जो धार्मिक या राजनीति की ओर प्रेरित हो, ऐसे विज्ञापन के प्रसारण की अनुमति नहीं दी जायेगी।
यह जानकारी गुरुवार को जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग एवं मीडिया सर्टिफिकेशन समिति के सदस्यों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान दी गई। प्रशिक्षण राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स आलोक पाठक और राकेश बारी ने दिया। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर संस्कृति शर्मा, जिला जनसम्पर्क अधिकारी मनोज श्रीवास्तव सहित परियोजना अधिकारी जिला पंचायत मृगेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
लोकसभा क्षेत्र खजुराहों एवं शहडोल हेतु चार विधानसभा सीटों पर होने वाले लोकसभा निर्वाचन के संदर्भ में जिला स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है। प्रदेश स्तर की कमेटी सीईओ की अध्यक्षता में भोपाल में और राष्ट्रीय स्तर की समिति का गठन नई दिल्ली में किया गया है। दिल्ली में गठित समिति सभी पंजीकृत राजनैतिक दलों, संगठनों लोगों के सह संस्थाओं के आवेदन स्वीकार करेगी।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अवि प्रसाद के निर्देशन में आयोजित जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एंड मीडिया कमेटी एवं पेड न्यूज में संलग्न अधिकारियों व कर्मचारियों को बताया गया कि स्थानीय स्तर पर मीडिया मॉनिटरिंग एवं मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी से प्रत्याशियों द्वारा मांग करने पर उनके द्वारा प्रसारित कराये जाने वाले विज्ञापनों के लिए सर्टिफिकेशन करेंगी। सम्बन्धित प्रत्याशी अथवा उनका अभिकर्ता को एम.सी.एम.सी. कमेटी को सर्टिफिकेशन के लिए विज्ञापन या कार्यक्रम की मैन्युस्क्रिप्ट हस्तलिखित या टाइपिंग की गई 2 प्रति में स्व-प्रमाणित कर निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगी। न्यूज़ चैनल स्थानीय केबल एवं प्रिंट मीडिया प्रत्याशियों के बगैर सर्टिफिकेशन के विज्ञापन प्रसारित नहीं करेंगे।
यह समिति चुनाव पर खड़े प्रत्यार्शियों द्वारा जारी किये गए समाचारों, विज्ञापनों अथवा मतदाताओं को अपने पक्ष में प्रेरित करने के लिए छपवाई गई खबरों को पेड न्यूज के दायरे में लेकर कार्यवाही कर रही है। बगैर सर्टिफिकेशन कराये कोई भी प्रत्यार्शी इलेक्ट्रॉनिक चौनलां पर विज्ञापन आदि प्रदर्शित कराते है तो उन्हें रिटर्निंग ऑफीसर प्रत्याशी को नोटिस जारी करेगें। नोटिस की प्रति व्यय प्रेक्षक को भी भेजी जायेगी। नोटिस का जवाब प्रत्याशी को 48 घंटे के अन्दर आर.ओ को देना होगा। प्रत्याशी द्वारा आर.ओ. को दिये गये जबाव की प्रति एम.सी.एम.सी को भेजेंगे ताकि एम.सी.एम.सी प्रत्याशी के खर्च को चुनावी व्यय में जोड़ सके।
प्रत्याशी जिला एम.सी एम.सी के निर्णय के विरूद्ध 48 घंटे में राज्य स्तरीय समिति के समक्ष अपील कर सकता है। जिसकी प्रति प्रत्याशी को जिला स्तरीय कमेटी को भी देना होगी। राज्य स्तरीय समिति 96 घंटे में प्रत्याशी की अपील पर विचार कर निर्णय से प्रत्याशी और जिला स्तरीय एम.सी एम.सी समिति को अवगत करायेंगी। प्रत्याशी राज्य स्तरीय समिति के निर्णय के विरूद्ध 48 घंटे में भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष अपील कर सकता है। भारत निर्वाचन आयोग का निर्णय अंतिम होगा।
एम.सी.एम.सी सभी प्रकार के प्रिंट मीडिया के विज्ञापन की मॉनिटरिंग करेगी। चुनाव से संबंधित सभी पम्पलेट, पोस्टर, हैंडबिल्स तथा अन्य सामग्री का प्रकाशन पर उस पर प्रकाशक व मुद्रक का नाम प्रिंट होना आवश्यक है। ऐसा न होने पर संबंधित के विरूद्ध 127-ए या आर.पी एक्ट 1951 के तहत कार्यवाही की जा सकेगी। प्रशिक्षण में समिति की निर्वाचन के दौरान भूमिका, कर्तव्य, अधिकार एवं मॉनिटरिंग कार्य और दायित्व , सोशल मीडिया संबंधी निर्देश, मीडिया सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन की समय-सीमा, सहित पेड न्यूज, विज्ञापन का प्रमाणन, सहित प्रिन्ट व इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया पर न्यूज मॉनिटरिंग की विस्तृत जानकारी प्रदान की।


