रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । शहर का ऐतिहासिक और धार्मिक मेला जिसका वर्ष भर सभी को रहता है इंतजार,हम बात कर रहे हैं ऐतिहासिक संत शिरोमणि श्रीराम जी बाबा मेले को लेकर, जिसका आयोजन नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम द्वारा किया जाता है। इस बार भी संत शिरोमणि श्रीराम जी बाबा मेले का शुभारंभ गुरुवार 22 फरवरी शाम मेला ग्राउंड पर अतिथिगणों के आतिथ्य में शुरू हो गया है। आश्चर्य का विषय रहा कि मेला प्रबंधन की लापरवाही के चलते मेला उद्घाटन के दिन भी ना तो ढंग से दुकाने लग सकी और ना ही मेला स्थल पर झूले लग सके। नगर पालिका के जवाब जनप्रतिनिधि भी मेले में झूला आवंटन स्थल और दुकानों के स्थल को लेकर चल रहे विवाद को ढंग से नहीं सुलझा पाए। आखिर क्या कारण रहा की करीब 10 दिनों से मेला ग्राउंड के पास वर्षों से आ रहे झूला संचालक अपने
झुलो का सामान ट्रकों में भरकर खड़े रहे परंतु उन्हें व्यवस्थित नहीं किया गया। जबकि इस ऐतिहासिक मेले की तैयारी नर्मदा जयंती महोत्सव के साथ ही काफी दिनों पूर्व नगर पालिका द्वारा कर ली जाती हैं। मेले में सबसे ज्यादा विवाद दुकानों की जगह और झूले स्थल को लेकर होता है। बताया जाता है कि इस बार भी कुछ झूले किराए पर अन्य लोगों द्वारा लाए गए हैं जिसको लेकर मेले में वर्षों से आ रहे झूला संचालकों के झूले की जगह कम कर दी गई है। झूला संचालक 74 वर्षीय गफूर भाई कहते हैं कि हम 1985 से यहां पर निरंतर झूला लगाते आ रहे हैं। पुराने महंत जी हमें उस दौर में चिट्ठी लिखकर भेजते थे, यह हमारा खानदानी धंधा है। इस बार हमें भी एक झूला लगाने की परमिशन दी गई है। इसी प्रकार हरदा से आए झूला वाले बबलू भाई ने बताया कि सीएमओ साहब ने एक व्यक्ति को एक झूला लगाने की अनुमति दी है। हम एक मोटरसाइकिल कुआं वाला झूला लगाने आए तो रात को प्रशासन वाले आए उन्होंने कहा तुम अपना सामान यहां से हटाओ,अब हम कहां जाएं? यहां कोई हमारी सुनवाई नहीं कर रहा। हम बरसों से मेले में झूला लगाते आ रहे हैं। वहीं मेले में यह बात भी सामने आ रही है कि लोग अपनी दुकान लेकर दूसरों को किराए पर दे देते हैं दुकान के सामने ना तो दुकान क्रमांक लिखा जाता है और ना ही आधार कार्ड टांगा जाता है। गत वर्ष जागरुक पार्षद राजेंद्र उपाध्याय सहित अन्य पार्षदों ने मीडिया के साथ ऐसी दुकानें भी पकड़ी थी जिसे अन्य लोगों द्वारा बेच दी गई थी। वही नगर पालिका सीएमओ नवनीत पांडे ने बताया कि इस बार मेले में एक व्यक्ति को एक झूला लगाने की परमिशन दी गई है । जिससे अन्य लोगों को भी मौका मिले। इसी प्रकार चाट जोन की दुकानों को मेला ग्राउंड में मंच के पीछे की तरफ व्यवस्थित किया है। जिससे मेला परिसर में अन्य दुकानदारों को जगह स्थापित की जाए। कोई भी दुकानदार यदि किसी अन्य को दुकान बेचता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। नगर पालिका द्वारा मेला निगरानी समिति में सभी पार्षदों को रखा गया है। पार्षद मेले में ऐसी अनियमितता पाए जाने पर लिखित शिकायत करेंगे तो वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। संबंधित दुकानदार का पंजीयन भी निरस्त कर दिया जाएगा और उक्त दुकान अन्य को आवंटित की जाएगी। इस बार मेले में 450 प्लस दुकानों की व्यवस्था की गई है। गत वर्ष ₹40 लाख की राशि की आमदनी नगर पालिका को हुई थी। इस वर्ष 50 लाख रुपए की आय का टारगेट रखा गया है। जिससे नगर पालिका के राजस्व में फायदा होगा। नगर पालिका द्वारा दुकानों का किराया 5700 रूपए और यूजर ₹1000 निर्धारित किया है। कॉर्नर की दुकान पर 2250 रुपए अतिरिक्त राशि दी जाएगी।


