रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश महामंत्री रमाकांत मीणा ने बताया कि दिल्ली में किसानों के आंदोलन को लेकर जिले में किसान नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ द्वारा बनखेड़ी में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आक्रोश व्यक्त किया गया । किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से किसान नेताओं की गिरफ्तारी पर अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश मंत्री रमाकांत मीणा ने बताया कि महासंघ के तत्वाधान में पिपरिया, बनखेड़ी,सोहागपुर और माखन नगर में सोमवार 12 फरवरी को ट्रैक्टर रैली निकाली गई। प्रदेश शासन से यह मांग की जा रही थी कि विगत डेढ़ महीना से ज्ञापनों के माध्यम से कलेक्टर को शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम पर तीन ज्ञापन संघ द्वारा दिए जा चुके हैं कि किसानों को विगत वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में आपकी सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि 3100 के कुंटल मोटी धान खरीदी जाएगी एवं 2700 रुपए प्रति कुंटल में गेहूं खरीदा जाएगा, कृषि मित्र योजना के अंतर्गत किसानों के खेत में 50% अनुदान पर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे एवं जिले स्तर की दो अन्य मांगों को लेकर शासन एवं प्रशासन को तीन ज्ञापन प्रेषित किए जा चुके हैं। परंतु सरकार द्वारा ज्ञापनों का कोई भी निराकरण की जानकारी संघ को नहीं दी गई।अतः संघ ने 12 जनवरी को चारों विकासखंड में ट्रैक्टर रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था। जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन ने दिल्ली में 13 फरवरी को प्रारंभ होने वाले किसान आंदोलन का हवाला देकर 11फ़रवरी 24 को शिवराज राजोरिया जिला अध्यक्ष एवं पिपरिया ब्लॉक अध्यक्ष महेश उपाध्याय,वरिष्ठ कार्यकर्ता सचिन शर्मा को घर से हिरासत में लेकर तहसीलदार के समक्ष पेश कर शांति भंग करने की दिशा में जेल भेज दिया गया है।शासन प्रशासन द्वारा मध्य प्रदेश के किसानों के हक और अधिकार को दबाया जा रहा है। बेकसूर लोगों को जेल भेजा जा रहा है जिसकी राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ घोर निंदा करता है और पदाधिकारीयो की शीघ्र रिहाई की मांग करता है । सोहागपुर एवं बनखेड़ी विकासखंड में ब्लॉक अध्यक्षों द्वारा ज्ञापन भी प्रेषित किया गया है। उक्त जानकारी प्रदेश मंत्री रमाकांत मीणा राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ जिला नर्मदापुरम द्वारा दी गई है।


