जी हां आपको सुनकर हैरानी होगी की छिंदवाड़ा जिले में अगर आपको ट्रैक्टर ट्रक चलाना है तो आपको अधिकारियों की जेब पहले गरम करना पड़ेगा!ऐसा आरोप ट्रक एसोशिएसन छिंदवाड़ा के ही कुछ लोगों का कहना है! विगत कुछ दिनों पहले ही परासिया निवासी नासिर खान की गाड़ी खनिज विभाग के अधिकारी के द्वारा जप्त कर मामला दर्ज किया गया! जब ट्रक मालिक ने 1लाख 35 हजार अपने घर के जेवर बेचकर शासन को फाइन दिया,लेकिन महज फिर उसी गाड़ी को खनिज विभाग अधिकारियों के द्वारा 3 दिनों बाद ही फिर पकड़ कर ओवरलोडिंग का मामला दर्ज किया गया! सोचने का विषय यह भी है कि जब गाड़ी बॉडी
लेवल भरी थी, रेत की पक्की रॉयलटी भी थी फिर भी उसी गाड़ी के ऊपर जबरन मामला दर्ज क्यों किया गया? सूत्रों की मानें तो ख़बर यह भी है कि खनिज विभाग के अधिकारी भी ट्रक मालिकों से पैसे की मांग करते हैं!जो गाड़ी मालिक विभागों में मोटी रकम देते हैं उनकी गाड़ियों के उपर कोई मामला दर्ज नही किया जाता,लेकिन जो ट्रक मालिक विभागों में पैसा नही दे पाते उनकी गाड़ियों के उपर कभी ओवरलोडिंग का मामला तो कभी फिटनेस का जबरन मामला दर्ज किया जाता हैं।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


