रिपोर्टर भुवनेश्वर केवट
प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा होती है, आवश्यकता है उसकी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करने की। दिव्यांगजन हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अन्य लोगों के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। इस आशय के विचार कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर झंकार भवन में आयोजित जिला स्तरीय सामर्थ्य प्रदर्शन कार्यक्रम के समापन अवसर पर व्यक्त किए।
कलेक्टर ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए पढ़ाई ही एकमात्र मापदण्ड नहीं है। सैकड़ों ऐसे उदाहरण हैं जिन्होंने पढ़ाई में उल्लेखनीय प्रदर्शन भले ही न किया हो किन्तु अपनी प्रतिभाओं के माध्यम से देश-दुनिया में अपना नाम स्थापित किया है। डॉ. सिडाना ने शिक्षकों का आव्हान किया कि वे बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए एक अभिभावक के रूप में सहभागी बनें। इस अवसर पर कलेक्टर ने विभिन्न खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के विजेताओं को पुरूस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी वरकड़े, एपीसी केके उपाध्याय सहित संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सहित संबंधित उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रीति दुबे ने किया।
खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की गई
जिला स्तरीय सामर्थ्य प्रदर्शन कार्यक्रम के प्रारंभ में महात्मा गांधी स्टेडियम में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें विकासखंड स्तर से चयनित लगभग 350 बच्चों ने अपने सामर्थ्य का प्रदर्शन किया। इसके पश्चात झंकार भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें दिव्यांग बच्चों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई।
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