रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम।।विधानसभा चुनाव उपरांत होशंगाबाद विधानसभा सीट से भाजपा से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक डॉ सीतासरन शर्मा ने 6 वी बार रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की है। इस चुनाव में कांग्रेस से उनके ही भाई गिरजाशंकर शर्मा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े हैं। वही भाजपा से टिकट मांगने वाले पूर्व जनपद अध्यक्ष भगवती चौराहे ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा है जो की परिणाम में दूसरे नंबर पर रहे हैं। इस चुनाव में खास बात यह रही कि समर्थक निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में परिवारवाद के विषय को लेकर चुनावी माहौल बनाने का प्रयास करते रहे किंतु चुनाव परिणाम भाजपा विधायक डॉ सीतासरन शर्मा के पक्ष में ही रहा। चुनाव परिणाम उपरांत अब पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भवानीशंकर शर्मा ने गुरुवार को वाटिका रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता कर विधानसभा चुनाव के दौरान परिवारवाद का आरोप लगाने वालों को जमकर लताड़ा और गंभीर आरोप भी लगाए। इस दौरान उन्होंने उनके परिवार का विरोध करने वालों पर जमकर निशाना भी साधा। श्री शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि विधानसभा चुनाव के 17 दिनों में कई ऐसी बातें सामने आई जिसे मैं मीडिया के माध्यम से जनता के सामने तक पहुंचाना चाहता हूं। विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मिलने से पहले भाजपा से कई लोगों ने टिकट मांगी,कुछ लोगों द्वारा एक कॉकस बनाकर करीब 20 लोग लामबंद हुए और ऐसा प्रचार किया कि एक ही परिवार में 35 वर्ष से लगातार टिकट दी जा रही है। हम में से किसी को भी दो पर इनको टिकट मत दो? क्योंकि मैं भी हमारे परिवार का एक हिस्सा हूं यह मुझे बुरा लगा कि परिवार के
खिलाफ क्यों बोल रहे हो? तुम्हारा व्यक्तिगत स्तर पर वैचारिक विरोध होना चाहिए समाज में यदि गलत किया है तो उसका विरोध करो। डॉक्टर साहब और संझले भैया चुनाव लड़ रहे हैं तो हमारा दोष क्या है? टिकट मिला है तो एक ही परिवार चुनाव लड़ रहे है। इस बात का प्रचार किया गया, हमारे ऊपर परिवारवाद का आरोप क्यों? यदि डॉक्टर साहब ने गलत किया है तो उनके खिलाफ बोला जाना चाहिए। हमारे परिवार में प्रमुख सचिव भी हुए हैं, जनता ने हमें साथ दिया, जनता का साथ मिला और जनता के आशीर्वाद से ही डॉक्टर साहब चुनाव जीते हैं। श्री शर्मा ने चुनाव में डॉक्टर साहब का विरोध करने वाले विरोधियों पर बिना नाम लिए जमकर निशाना साधा और कहा कि हम भाइयों पर एक भी कोई दाग हो तो बताएं ? डॉक्टर साहब विधायक के 6 चुनाव जीत चुके हैं और संझले भैया 10 चुनाव जीते हैं। हमने सफेद चादर जानबूझकर ओढ़ रखी है कोई भी दाग होगा तो वह हमें दिखेगा। यदि हमारे ऊपर कोई दाग है तो वह हमें दिखाएं। यह जो रंग-बिरंगे कपड़े पहनते हैं आप खूब टिकट मांगो पर किसी को बदनाम कर मांगो तो यह बड़ी अनैतिक बात है। हमारा परिवार मर्यादा को मानने वाला परिवार है। चुनाव में ऐसे लोग टिकट मांग रहे थे जिनका जनता के बीच कोई वजूद नहीं है। जो वार्ड का चुनाव जीत नहीं सकते हैं, वह विधानसभा की टिकट मांग रहे। करीब 15 , 20 वर्ष पूर्व एक कमरे में क्लीनिक चलाने वाला डॉक्टर हमारे खिलाफ अभियान चला रहा है जो करोड़पति बनकर विरोध क्यों कर रहा है? कैसे इस शहर का भाग्य विधाता बनेगा? कोविड काल में कितने लोगों को लूटा है सबको पता है? इतनी संपत्ति कहां से आई? आयुष्मान कार्ड की जांच कर ली जाए तो सब सामने आ जाएगा? अपने कर्मचारियों को चुनाव में लगा रखा, जिन्हें वेतन तक नहीं दे पा रहे आप? पत्रकारवार्ता में बिना नाम लिए ऐसे गंभीर आरोप भी लगाए। श्री शर्मा ने यह भी कहा कि चुनाव से पूर्व यदि मैं इन बातों को रखता तो चुनाव पर शायद विपरीत प्रभाव पड़ता इसलिए मैं शांत रहा। इसी प्रकार उन्होंने बिना नाम लिए दो पूर्व नगर पालिका अध्यक्षों को भी जमकर लताड़ा,जिन पर भ्रष्टाचार से संपत्ति संग्रहण जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिन्होंने टिकट पाने के लिए विरोध किया। अमृत योजना में घटिया दर्जे के पाइप और सामग्री खरीदने के भी आरोप लगाए। पीएम आवास भ्रष्टाचार का मामला भी उठाया। यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका को पैसा बनाने की मशीन समझ लिया और जब ब्लैक मनी आएगी तो चुनाव लड़ेंगे ही? जब नपा अध्यक्ष नहीं थे तब इनकी क्या हैसियत थी यह सभी को मालूम है? इस दौरान उन्होंने एक पूर्व विधायक के बेटे सहित संगठन के कुछ पदाधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए, कहा कि एक परिवार सट्टा खिलाता है जिसके वार्ड से भाजपा भी नहीं जीत सकी, ऐसे लोग टिकट मांग रहे थे और लामबद्ध होकर विरोध कर रहे थे। रेत का अवैध कारोबार करने वाला एक पूर्व पार्षद भी शामिल है। श्री शर्मा ने कहा कि टिकट मांगने का हक सबको है परंतु चरित्र हनन करके टिकट मांगना अत्यंत गलत है। दोनों भाई पार्टियों से टिकट मिलने के उपरांत जनता के दरबार में गए तो बवाल मचा दिया और न जाने क्या-क्या बातें फैलाई परिवार को क्यों घसीट रहे हो हमने क्या बिगाड़ा ,हम तो वर्तमान और पूर्व विधायक के भाई हैं तो हमारी क्या गलती है जनता ने जो योग्य व्यक्ति और पार्टी थी उसे चुना। पत्रकार वार्ता के दौरान मीडिया द्वारा नाम पूछे जाने पर भी भवानीशंकर शर्मा द्वारा विरोधियो के नामों का खुलासा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि शब्दों में ही सब समझ जाएंगे कि यह बात किन के लिए कही गई है? विधानसभा चुनाव परिणाम के चार दिन बाद ही श्री शर्मा द्वारा विरोधियों पर निशाना सादे जाने के बाद से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।


