कटनी (26 अक्टूबर ) – कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अवि प्रसाद ने आदेश जारी कर निर्वाचन अवधि के दौरान समस्त मैरिज हाल, सामुदायिक भवनों, बड़े हॉल आदि के प्रयोग में सतत निगरानी रखने तथा बुकिंग के प्रयोजन से उसके साक्ष्य के रूप में आवश्यक दस्तावेज शादी का कार्ड इत्यादि आवश्यक रूप से प्राप्त कर विधिवत अभिलेख संधारित करनें हेतु आदेशित किया है। ताकि निर्वाचन के उद्देश्य से कोई छदम व्यय न हो सकेे।
कलेक्टर श्री प्रसाद ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आयुक्त नगर पालिक निगम, समस्त रिटर्निंग अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्य, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी बरही, विजयराघवगढ़ एवं कैमोर को उक्त आशय की समस्त बुकिंग्स, आयोजन एवं समारोह आदि की दैनिक रिपोर्ट एकत्रित कर जिला निर्वाचन कार्यालय को अनिवार्यतः उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री प्रसाद ने मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए आयोजित होने वाले नकली समारोह का ध्यान रखनें तथा किसी भी प्रकार की संदेहास्पद बुकिंग, आयोजन की रिपोर्ट तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विवाह एवं अन्य आयोजन जो कि विभिन्न मैरिज हाल व सामुदायिक भवनों बड़े हॉल एवं पूजा स्थानों के बाहर अन्नदानम आदि में आयोजन के दौरान उपहार सामग्री धोती, साड़ी, भोजन वितरण के लिए प्रयोग किये जाने के सम्बन्ध में शिकायते प्राप्त होती है।
आयोग के निर्देशानुसार यदि निर्वाचन में भाग लेने वाला अभ्यर्थी निर्वाचकों को लुभाने के लिए उसके द्वारा या अन्य किसी व्यक्ति द्वारा आयोजित ऐसे सामुदायिक भोज (किसी भी नाम से) में भाग लेता है तो आयोग के निर्देशानुसार सामाजिक समारोह पर किये गये व्यय को अभ्यर्थी के चुनाव व्यय के रूप में माने जाने के निर्देश है।
उक्त निर्देश धार्मिक समुदाय द्वारा अपने संस्थानों के अन्दर प्रथागत प्रथा के रूप में आयोजित लंगर, भोज, आदि या कोई समारोह जैसे शादी, मृत्यु आदि के लिए एक सामान्य भोज किसी भी व्यक्ति (अभ्यर्थी को छोड़कर) द्वारा आयोजित किया जाता है तो ऐसे सामुदायिक भोज, लंगर तथा दावत आदि पर किया गया व्यय अभ्यर्थी के व्यय में शामिल नहीं किया जायेगा। बशर्ते अभ्यर्थी एक सामान्य आगंतुक के रूप में भाग लेता है। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाए की अभ्यर्थी ने ऐसे सामुदायिक भोज इत्यादि के आयोजन में कोई वित्तीय योगदान नहीं दिया और ऐसे आयोजन में किसी भी तरीके से राजनैतिक अभियान नहीं चलाया गया हो।


