रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर मंगलवार 3 अक्टूबर को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा विशाल पोल खोल आम सभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसी के साथ सतरस्ता चौराहा से रैली के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सोपा जाएगा । उक्त जानकारी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा जारी विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी गई है। साथ ही अवगत कराया गया है कि माखननगर (बाबई) तहसील के ग्राम खिड़िया के पीड़ित परिवार जो लगभग पिछले 6-7 दिनों से पीपल चौराहा नर्मदापुरम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। पीड़ित आदिवासी परिवार को न्याय दिलाने के समर्थन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा और साथ ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग भी की जाएगी। ज्ञापन में दिए गए आवेदन में आरोप लगाते हुए अवगत कराया गया कि हम सभी आदिवासी एवं अन्य ग्रामीणजन सोहागपुर विधानसभा के माखन नगर तहसील के अंतर्गत ग्राम खिड़िया निवासी होकर कई वर्षों से राजनीतिक रसूखदार खिडिया निवासी जीवनलाल मीणा परिवार से प्रताड़ित और पीड़ित है। जिसकी शिकायत करने पर माखननगर पुलिस, माखननगर तहसीलदार , जिला शिक्षा अधिकारी, नर्मदापुरम एसडीएम जैसे जवाबदार अधिकारी भी हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी का पेसा एक्ट भी हम आदिवासियों के लिए माखननगर तहसील के अंतर्गत लागू नहीं है? जिसके कारण हम न्याय से वंचित हैं। ऐसे गंभीर आरोप आवेदन में लगाए गए हैं जिसमें यह भी बताया गया है कि आदिवासियों द्वारा सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह के निवास कार्यालय पर भी जाकर अपनी प्रताड़ना व्यक्त कर चुके हैं परंतु शासकीय शिक्षक जीवन लाल मीणा के रसूख के आगे कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है । भरण पोषण करने योग्य आदिवासियों की जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया है। इनके द्वारा फर्जी आदिवासी (एसटी) के प्रमाण पत्र का उपयोग कर बतौर शिक्षक खिड़ियां गांव में ही वर्षों से अधिक समय से गांव में ही नौकरी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि उनके परिवार में कुल 6 एकड़ जमीन से आज 300 एकड़ से ऊपर जमीन के परिवार के लोग मालिक बन बैठे हैं जो कि राजस्व अधिकारी, पटवारी , आरआई की मिलीभगत से सरकारी और आदिवासियों की जमीन स्वयं एवं परिजनों के नाम अभिलेखों में दर्ज कर ली गई हैं। जो केसे संभव हो सकती है? परंतु हमारी शिकायतों पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है उल्टा पीड़ित आदिवासी परिवारों को माखन नगर थाने में बुलाकर झूठे केस बना दिए जाते हैं। माखन नगर थाने में वर्षो से पदस्थ आरक्षक जो अब हेड सहाब उपेंद्र दुबे
पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब आदिवासी परिवार जीवन लाल मीना की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी मांगों को पूरा करने के लिए पिछले दिनों से लगातार नर्मदा एलपुरम के पीपल चौक पर अपनी मांगों को पूरा करने और न्याय पाने के लिए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाए बैठे हैं। अब देखते हैं कि कैसे इन आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन से वंचित करने के लगाए गए आरोप से जिला प्रशासन न्याय दिलाता है ??क्योंकि पीड़ित आदिवासी परिवार का समर्थन करने गणतंत्र गोंडवाना पार्टी भी अब मैदान में है और उनके धरने को अपना समर्थन दे रही है जो की आदिवासी पीड़ित परिवार को उनके जमीन से बेदखल करने और सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र में शासन प्रशासन पर लगाए गए आरोप से कैसे अब निजात मिलेगी और आदिवासी परिवार को न्याय मिल सकेगा पर बड़ा सवाल?


