कटनी जिले का रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मनमानी और लापरवाही को लेकर अक्कसर सुर्खियों मे बना रहता है । आलम यह कि यहां डाक्टर तो जैसे तैसे ठीक ठाक है ही । परंतु यहां ड्यूटी पर तैनात स्टॉप नर्सों की मनमानी इस कदर बढ़ी हुई की वह डॉक्टर तक को अनसुना कर देती है ।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार अस्पताल कर्मचारी भी ड्यूटी पर तैनात नर्सों से शासकीय कार्य बताने मै भी कतराते है l कि कही कोई नर्स उनकी बेज्जती न कर दे । वह सूत्रों की माने तो प्रसव कराने आई महिलाओं के परिजनों को प्रसूता सहायता राशि के नाम पर डरा धमकाकर परिजनों से पैसा वसूला जाता है ।
वही आज दोपहर ग्राम मुड़पार से चलकर अपना इलाज कराने पहुंची आशा कार्यकर्ता लीला बाई । तो उसके साथ भी ड्यूटी पर तैनात नर्स द्वारा अभद्रता पूर्वक व्यौहार करते हुए अपमानित कर भागा दिया गया ।
वही बाटल की निडिल इस तरह गुस्से से निकाली गई की हाथ से खून तक आ गया ।
आशा कार्यकर्ता लीला बाई अस्पताल परिसर मैं काफी देर तक रोती रही।
अब सोचने वाली बात है है कि शासकीय सेवाए देने वाले कर्मचारियों के साथ जब ऐसा बर्ताव हों रहा है, तो जरा सोचिए कि आम मरीजों के साथ नर्सों द्वारा कितना अत्याचार होता होगा । यदि समय रहते हो रही इस तरह की मनमानी को नहीं रोका गया तो आने वाली समय में कोई बड़ी घटना घट सकती है।


