रिपोर्टर राजेंद्र चौरसिया
उमरियापान:- आजादी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास तो हुआ है लेकिन आज भी ग्रामीण अंचल के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।बम्हनी ग्राम पंचायत के बनेहरा गांव में आज भी आवागमन, बिजली, पेयजल एवं संचार सुविधा सहित अनेक समस्याएं बनी हुई है। खासकर वनांचल क्षेत्रों में विकास नहीं हो पाए है। जंगल से घिरा भारत के केंद्र बिंदु करौंदी गांव से सटे बनेहरा गांव के लोग अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।यहाँ कुछ काम तो हुए है जबकि कई योजनाओं का क्रियान्वयन सिर्फ फाइलों में ही दबा हुआ है। गांव में बनी पक्की सड़क के हालात बदतर हो चुके हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। गिट्टी और कांक्रीट निकल आई है। यहाँ से निकलने वाले लोग परेशान होते हैं। दो पहिया और साइकिल से आने वाले लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई जगह सड़क पर गढ्ढे भी निकल आये। सड़क पर जगह जगह दरारें भी आ गई। गांव को लोंगों को परेशानी इससे और भी बढ़ गई है। इसके अलावा गांव में पेयजल समस्या भी है। पाइप लाईन के माध्यम से सभी घरों में पेयजल की व्यवस्था होगी। लेकिन अब तक योजना का सफल क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। बिजली बंद होने की स्थिति में नागरिक पेयजल समस्या से जूझ रहे है।खराब हैंडपंप की मरम्मत नहीं की जा रही है।यहाँ लगे हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं। तीन में से दो हैंडपंप पूरी तरह से बन्द पड़े हैं। गांव में बिजली की समस्या भी है। लोंगों को पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिल पाती हैं। संचार के साधन भी नहीं है। यहाँ नेटवर्क की समस्या है। इतना ही नहीं बारिश के चलते गांव के कई लोंगों के कच्चे मकान गिरकर धराशायी हो गए है। अब उनकी परेशानी बढ़ गई है।यहाँ के ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव भले ही देश के केंद्र बिंदु में है लेकिन अब तक बनेहरा गांव विकास से कोसों दूर है। गांव की उपेक्षा की जा रही है। गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पेयजल, बिजली, सड़क जैसे मूलभूत सुविधाओं से ग्रामीण मोहताज है।ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत व शासन, प्रशासनिक अधिकारियों को गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा चुकी है। लेकिन जिम्मेदार सुध लेना नहीं चाह रहे है। इसी का नतीजा है कि विकास कार्य की मांग अब वे किसी से नहीं करना चाह रहे है, क्योंकि उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं होती। पंचायत प्रशासन द्वारा प्रस्ताव बनाने की बात कहीं जाती है लेकिन यह सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गई है। विकास की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है।
इनका कहना है:- गांव के लोंगों को सुविधाएं मुहैया हो, इसके लिए प्रयास किये जायेंगे। जो भी समस्याएं सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराकर उनका निराकरण कराया जाएगा। जिन लोगों के घर गिर चुके है, उन्हें राहत राशि प्रदाय की जाने की कार्रवाई की जाएगी।:- अजय मिश्रा,तहसीलदार ढीमरखेड़ा
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया ढीमरखेड़ा कटनी


