कटनी (04 अगस्त ) – शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में शुक्रवार को 66 वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। महाविद्यालय में स्थापना दिवस के साथ एलुमिनाई मीट का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर की गई। दीप प्रज्वलन के उपरांत सोनिया चौधरी ने सरस्वती गीत वंदन का गायन किया। इसके बाद कार्यक्रम की विधिवत शुरुवात की गई।
कॉलेज के प्रोफेसर श्री सुधीर खरे प्राचार्य द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण करके सबका स्वागत किया। स्थापना दिवस के इस कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो सुधीर खरे ने कॉलेज के इतिहास से भी सभागार को परिचित कराया। साथ ही कब -कब महाविद्यालय में नए विभाग का आगमन हुआ और वर्तमान में शिक्षा के नए पहलुओं से भी सबको अवगत कराया। प्राचार्य ने अतिथियों को संबोधित करते हुए स्वागत भाषण में कहा कि सभी अतिथि गण को पाकर आज महाविद्यालय गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इस अग्रणी महाविद्यालय के अंतर्गत एक गौरव भरी उपलब्धि रही की इस नए सत्र में इस महाविद्यालय के जुड़ा हुआ एक और कॉलेज रीठी में खुला है।
प्राचार्य डॉ खरे ने पीपीटी के माध्यम से महाविद्यालय की गौरवमयी यात्रा को प्रस्तुत किया। इस दौरान आज के समारोह में तिलक महाविद्यालय की प्रगति सफर से जुड़ा एक वृत्त चित्र भी प्रस्तुत किया गया। प्रो चित्रा प्रभात ने पूर्व छात्र और अतिथियों का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि तिलक महाविद्यालय के पूर्व छात्रों ने जीवन के हर क्षेत्र में अपने परचम फहराए है। कार्यक्रम में महाविधालय के प्रथम बैच में अध्यापन करने वाले विद्यार्थी भी उपस्थित रहें। जिनको लेकर प्रोफेसर प्रभात ने बताया कि पुराने लोग तिलक महाविद्यालय के जीवंत इतिहास है। तिलक कॉलेज के पूर्व छात्रों ने शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, बैंक, व्यापार सभी क्षेत्रों में अपने झंडे गाड़े है। आज एलुमिनाई मीट पूर्व छात्र के रूप में श्री पुरुषोत्तम शर्मा,राजेंद्र गुप्ता, डॉ प्रवीण वैश्य, डॉ नवीन कुमार कर्ण, संगम जैसवाल, मोहन नागवानी, संजय गुप्ता, अजय कुररिया पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव, वसुंधरा सिंह, अंकिता तिवारी, ऋषभ मिश्रा, सीमांत दुबे, शुभम पयासी आदि सभी ने अपने शैक्षिक और जीवन के अनुभवों को साझा किया। अपने पुराने दिन की स्मृतियों से सभी को परिचित कराया। महाविद्यालय में अपने पुराने दिनों को याद कर लोग भावुक भी हुए।
तिलक महाविद्यालय के पहले बैच के छात्र रहें पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि ज्ञान के रास्ते पर गुरु की ही महिमा होती है संस्थान आपको परिवेश देता है पर गुरु के ज्ञान से ही आप प्रगति के पथ पर चल पाते है । इन्ही शब्दों के साथ पूर्व छात्रों ने अपने अनुभवों से हासिल ज्ञान से वर्तमान छात्रों को लाभान्वित किया। कार्यक्रम के दौरान आज महाविद्यालय की वेबसाइट का भी शुभारंभ भी हुआ। तिलक महाविद्यालय के इस वेबसाइट के माध्यम से महाविधालय के संबंध में सभी जानकारी प्राप्त होगी। यह छात्रों के लिए काफी लाभदायक है।
कार्यक्रम के दौरान भारत दर्शन के तहत भारत की संस्कृति, सभ्यता, एकता और अखंडता का प्रदर्शन वेशभूषा और नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने किया। संगीता, योगिता, मुस्कान, कनक ने समारोह में राजस्थानी लोक नृत्य भूमर के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन कर सभा में उपस्थित सभी के मनमोह लिया। महाविद्यालय की छात्रा नम्रता तिवारी ने एकल नृत्य की प्रस्तुति कर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान में पूर्व छात्र और अतिथियों को सदस्यता प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो माधुरी गर्ग ने किया।


