विदिशा जिला ब्यूरो मुकेश चतुर्वेदी
*गंजबासौदा।* पूरे ब्रह्मांड में शिव की शक्ति समाहित है इसलिए शंकर को अनादि काल से पूजा जा रहा है वह स्वयंभू हैं, अनादि और अनंत है। शास्त्रों में इसका उल्लेख है । यह बात मानस भवन में चल रहे सवा करोड़ शिवलिंग और 12 ज्योतिर्लिंग निर्माण के उपलक्ष्य में शिव महिमा को बताते हुए गोपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड की कार्य परिषद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद गिरी ने कही।
शंकर पार्वती संवाद को बताते हुए महामंडलेश्वर ने कहा कि शंकर को महादेव नाम अति प्रिय है जिस तरह एक गाय का बछड़ा जब अपनी मां के लिए काम आता है तो गाय दौड़ करो बछड़े के पास जाती है उसी तरह जब कोई भक्त महादेव कहकर शंकर को पुकारता है तो वह महादेव उसके लिए दौड़े चले आते हैं। समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव द्वारा किए गए विषपान को लेकर उन्होंने बताया कि सावन के महीने में भगवान शिव ने विष का पान किया था और अमृत देवताओं में बांट दिया था। भगवान शिव को जलधारा बहुत ही प्रिय है क्योंकि उन्होंने विष का पान किया था। भगवान महाकाल भगवान शिव कालों के भी काल हैं जो खुद विष पीकर स्सबके कल्याण की सोचता है वह क्यों किसी का बुरा करेगा।महादेव महाकाल कालों के भी काल है जो मृत्यु को भी जीत लेते हैं। दो सावन के महीने होने से इसको अधिक मास पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। पुरुषोत्तम मास में हरि और हर को पूजने से मनचाहा फल देते हैं। रविवार को पूरा पंडाल से भक्तों से उमड़ पड़ा। बारिश के बीच भक्त उत्साह के साथ शिव भक्ति में मगन नजर आए। मूड़री धाम के महंत परशुराम दास महाराज ने बताया कि रविवार को 10लाख रुद्री का निर्माण किया गया है। सोमवार से यह संख्या 15 से 20 श्लाख पर पहुंच जाएगी।
*12 ज्योतिर्लिंग का यजमानों ने किया पूजन, 10 लाख रुद्री का हुआ निर्माण*
शनिवार से प्रारंभ हुए शिवलिंग निर्माण के दूसरे दिन रविवार को 10 लाख रुद्री का निर्माण शिव भक्तों द्वारा किया गया। वहीं 12 ज्योतिर्लिंग का निर्माण भी सुंदरता के साथ मनमोहक झांकी के बीच हुआ। बनारस से आए वेद पाठी ब्राह्मणों ने रुद्री का पाठ कराते हुए अभिषेक कराया। अभी तक 15 लाख से अधिक रुद्री का निर्माण शिव भक्तों द्वारा किया जा चुका है। 30 जुलाई तक चलने वाले इस आयोजन में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग से अधिक का निर्माण किया जाएगा। रविवार को सवा करोड़ शिवलिंग के प्रधान यजमान संतोष शर्मा एवं नवरंग राजपूत ने सह परिवार शिव महापुराण और ज्योतिर्लिंग का पूजन किया। अन्य यजमान बाबूलाल शर्मा मूड़री, रामकृष्ण रघुवंशी ठेकेदार, घनश्याम शर्मा, जितेंद्र आसोपा, शुभम राजपूत, दिनेश आसोपा,गोपी आसोपा एवं सुरेंद्र रघुवंशी बड़वासा ने भी 12 ज्योतिर्लिंग का पूजन किया।


