रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। टाइगर स्टेट मप्र में एक बार फिर एक बाघ की संदिग्ध मौत हो गई। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना रेंज के डबरादेव बीट में बाघ का शव क्षत-विक्षत अवस्था में गश्ती टीम को मिला। बाघ की मौत से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सभी वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वाड की मदद से क्षेत्र की तलाशी की गई लेकिन आसपास खोज करने पर भी मृत्यु संबंधी कोई साक्ष्य नहीं मिल पाएं। क्षेत्र संचालक, उप संचालक व एनटीसीए के मौजदूगी में वन्यप्राणी चिकित्सक दल द्वारा बाघ का पोस्टमार्टम एनटीसीए (NTCA) के प्रोटोकोल अनुसार किया गया।
बाघ का शव क्षत विक्षत अवस्था में पाया गया। जो करीब 5-7 दिन पुराना था। स्थानीय अमले के अनुसार बाघ काफी समय से इसी क्षेत्र में अपना इलाका बनाकर रह रहा था। बाघ का शिकारियों द्वारा शिकार किया गया या बाघों के बीच लड़ाई हुई या बीमारी से बाघ की मौत हुई यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। परीक्षण के बाद पोस्टमार्टम के दौरान बाघ के अवयवों को एकत्रित कर लिया गया जिसके बाद बाघ के शव को सभी वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एनटीसीए के प्रोटोकोल अनुसार जला दिया गया।
