रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। समाज सुधारक और निर्गुण भक्ति के कवि कबीर दास जी की जयंती रविवार को कन्या छात्रावास नेहरू पार्क, नर्मदापुरम में मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुख्य अतिथि श्री सुजान सिंह रावत ने कहा कि कबीरदास जी ने जीवन भर समाज में व्याप्त रूढ़ियों के विरुद्ध अपनी रचनाओं से आमजन को इनके प्रति उद्वेलित,प्रेरित किया और राह दिखाई हैं। वर्तमान समय में भी कुछ रूढ़ियां बाकी है, इनको को खत्म करने के लिए हम सबको मिलकर काम करना चाहिए। इसमे युवा पीढ़ी और विद्यार्थी की भूमिका अहम है। आज भी मृत्यु भोज और दिखावे के लिए महंगे विवाह ऐसी रूढ़ियां और परंपरा है, जिससे क़र्ज़ का बोझ बढ़ता है, ऐसी परम्पराओं और रूढ़ियों को खत्म करना है, कबीर जयंती मनाने का सार्थक उद्देश्य है।
कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे संभागीय उपायुक्त जनजाति कार्य जेपी यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि कबीर उन रूढ़ियों और परंपराओं के खिलाफ थे, जो मानवाधिकार, समता, समानता और भाई चारे की विरुद्ध है। कबीर का साहित्य प्रेम,भाईचारे और समतावादी समाज का साहित्य है। कबीर और उनकी रचनाएं हर युग में प्रासंगिक है। जब तक समाज मे भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता रहेगी,कबीर सजीव रहकर मानवता को राह दिखाएंगे। श्री यादव ने कहा की हर व्यक्ति के अंदर कबीर ज़िंदा रहे। श्री यादव ने इस अवसर पर कबीर के भजन ” मोको कहां ढूंढे रे बंदे, मैं तो तेरे पास ” गाकर सुनाया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों दीपिका, पल्लवी, प्रियंका, चिरौंजी लाल, अमन और विनोद ने कबीर के व्यक्तित्व और कृतित्व प्रकाश डालते हुए उनके दोहों की व्याख्या की।
आभार प्रदर्शन एसके द्विवेदी तथा कार्यक्रम का संचालन यतींद्र द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालयीन छात्रावासों के विद्यार्थी, स्थानीय छात्रावासों के अधीक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहें।


