रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिले में हो रही गेहूं खरीदी को लेकर बनाए गए खरीदी केंद्रों में अधिकत्तर सत्तारूढ़ नेताओं के वेयरहाउसो को बनाए जाने की बात सामने आ रही है। जिले में गेहूं खरीदी के करीब 183 केंद्र बनाए गए हैं और टारगेट साढ़े सात लाख मैट्रिक टन गेहूं का लक्ष्य रखना बताया गया है। जिले में 25 मार्च से गेहूं खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। जिले में चना खरीदी के 28 केंद्र भी बनाए गए हैं। एक तरफ हो रही बारिश से उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था सामने आ रही है, तो दूसरी तरफ गेहूं चना उपार्जन केंद्रों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां पूर्व में खरीदी होती थी इस बार कुछ वेयरहाउस को छोड़ दिया गया है। जिससे किसानों को परेशान भी होना पड़ा है। गेहूं खरीदी के लिए बनाए जाने वाले खरीदी केंद्र वेयरहाउस को लेकर भी गड़बड़ी का मामला सामने आ रहा है। जिसकी शिकायत कलेक्टर नर्मदापुरम सहित खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग भोपाल तक हुई है। सेमरी हरचंद निवासी एवं जयंती सीड्स एंड प्रोसेसिंग वेयरहाउस संचालक रामबाबू अग्रवाल ने कलेक्टर से शिकायत कर प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कारपोरेशन सेमरीहरचंद एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी माखननगर की मिलीभगत से वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत भी उनके बेयर हाउस को गेहूं उपार्जन केंद्र नहीं बनाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। रामबाबू अग्रवाल ने अपनी शिकायत में अवगत कराया कि उनके वेयरहाउस में गेहूं उपार्जन केंद्र निर्धारित करने हेतु आवेदन शाखा प्रबंधक मध्यप्रदेश हाउसिंग लॉजिस्टिक कार्पोरेशन शाखा सेमरी हरचंद एवं एसडीएम नर्मदापुरम सहित जिला खाद्य अधिकारी नर्मदापुरम एवं कलेक्टर नर्मदापुरम को पीएमएस योजना अंतर्गत वेयरहाउस ऑफर कर आवेदन 10 मार्च 2023 को रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेजा गया था। जबकि शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्र क्रमांक 550 दिनांक 06 सितंबर 2022 की कंडिका 13 के अनुसार उस गोदाम पर उपार्जन केंद्र बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रथम चयन किया जाना है जो पीएमएस में ऑफर की गई हो,परंतु आज दिनांक तक हमारे वेयर हाउस को उक्त योजना में उपार्जन केंद्र नहीं बनाया गया । श्री अग्रवाल ने शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग सेमरी हरचंद एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी माखननगर द्वारा उक्त योजना की अवहेलना करते हुए हमारे वेयरहाउस का निरीक्षण ही नहीं किया गया और ना ही वेयरहाउस पर खरीदी केंद्र बनाने की अनुशंसा जिला स्तरीय उपार्जन समिति को भेजी गई। जिस कारण हमारा वेयरहाउस खाली पड़ा रह गया। जब मेरे द्वारा 28 अप्रैल को वेयरहाउसिंग कार्यालय सेमरी हरचंद में पहुंचकर शाखा प्रबंधक से वेयरहाउस में उपार्जन केंद्र बनाए जाने के पूर्व किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट मांगी गई, तो बताया गया कि उक्त रिपोर्ट मेरे कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उक्त घटना से उनको आर्थिक क्षति पहुंची है। कलेक्टर से उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। श्री अग्रवाल का कहना है कि उनके साथ पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया गया है और ₹9 प्रति बोरी किराए पर अन्य वेयरहाउसो को भंडारण की अनुमति दे दी गई है। इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी ज्योति जैन द्वारा मो.9425041777 नही उठाए जाने से बात नही हो सकी।
