कटनी। शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत आत्मनिर्भर स्वाबलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्राचार्य डॉ सुधीर खरे के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ वीके द्विवेदी के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को फसल अवशेषों के प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया कृषि अवशेष के अंतर्गत पुआल भूसा गन्ने की खोई पत्तियां खरपतवार फसलों के डंठल मक्का की कड़वी गोबर आदि। घरेलू अवशेष के तहत घर के कचरे फलों एवं सब्जियों के छिलके आदि का जैविक खाद बनाकर प्रबंधन बतलाया गया। फसल अवशेष जलाने से मृदा में होने वाली हानियां मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पर्यावरण संबंधी दुष्परिणाम। फसल अवशेषों को जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है क्योंकि भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने वाले पोषक तत्व एवं लाभदायक जीवाणु आग से जल जाते हैं अतः अवशेषों का जैविक खाद बनाकर फसलों में उपयोग किया जाने का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
