रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला प्रशासन द्वारा खेतों में नरवाई की आग पर लगाया गया है प्रतिबंध । जिले में गेहूं कटाई जारी है मूंग की फसल को लेकर किसानों द्वारा खेतों में नरवाई की आग लगाई जा रही है ताकि अगली फसल के लिए जल्द से जल्द तैयारी कर सकें। वहीं जिला प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने पर रोक लगाई गई हुई है उसके बावजूद किसान अगली फसल के लिए जानबूझकर नरवाई में आग लगा रहे हैं । ततसंबंध में उप संचालक कृषि जेआर हेडाऊ ने बताया कि अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी द्वारा नरवाई में आग लगाए जाने को लेकर दंड का प्रावधान का आदेश जारी किया गया है ।जनहानि , संपत्ति हानि,पशु हानि होने पर एफआईआर के भी निर्देश दिए हुए हैं। एडीएम द्वारा सभी तहसीलदारों को नरवाई की आग पर गंभीरता से नियंत्रण और वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिए हुए हैं। कम से कम ₹1000 का दंड का प्रावधान किया गया है।
नरवाई की आग में बेअसर प्रशासन के आदेश –
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां तक नजर दौड़ाएं दिन में धुआं और काली चादर नजर आती है, तो वहीं रात में सुलगते हुए खेत! कृषि विभाग इन दिनो किसानो को समझाने में नाकाम क्यो हो जाता है लगातार दिन पर दिन नरवाई जलाने से किसानो को भारी नुकसान का सामना भी करना पडता है। आला अधिकारीयो के सुस्त रवैया के चलते दिनो दिन नरवाई जलाने सें किसान पीछे नही हट रहा है । किसान नरवाई जलाने में पीछे नही है। सूत्रो की माने तो रैसलपुर, गुलरिया, डोलरिया, काजलास,बामनगांव, खेड़िया, इटारसी ,बाबई,नर्मदापुरम के आस पास की तहसीलो के खेतो की फसल काटने के बाद मूंग की बुआई के लिए किसान नरवाई में आग लगा रहे है। जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में धुआं धुआं हो रहा है। लोगो को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों को प्रतिबंध के बाउजूद नरवाई में आग लगाकर जलाने वालो पर वैधानिक कारवाई की जानी चाहिए।
