रिपोर्टर हरिशंकर बेन
जनपद क्षेत्र रीठी के ग्राम नयाखेड़ा में मनरेगा के तहत पकराए गए पौधारोपण कार्य से जहां ग्रामीण जनों को प्रदूषण पमुक्त हरा भरा वातावरण मिला है वहीं रोजगार के अवसर भी ग्रामीण जनों को प्राप्त हुए । पौधा रोपित किए जाने से रिक्त पड़ी हुई शासकीय भूमि अतिक्रमण होने से सुरक्षित हुई है वही पेड़ पौधों से आय के संभावित स्रोत भी निर्मित हुए हैं । जानकारी देते हुए अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी डॉ अजीत सिंह ने बताया कि कलेक्टर कटनी श्री अवि प्रसाद एवं सीईओ जिला पंचायत कटनी श्री शिशिर गेमावत के निर्देशन और सीईओ जनपद ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत नयाखेडा जनपद पंचायत रीठी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नयाखेड़ा में आंवला, आम, अमरूद, सागोन एवं अन्य प्रजातियों के पौधे रोपित किये गए थे। पौधों की सुरक्षा नियमित रूप से होने तथा सिंचाई और आवश्यक देखभाल के कारण छोटे-छोटे पौधे अब वृक्षों का आकार लेने लगे हैं। इस कार्य से 188 जॉबकार्डधारी परिवारो को कार्य उपलब्ध कराया गया था ।
कार्य की उपयोगिता व आवश्यकता- जल संरक्षण संवर्धन एवं जैव विविधता हेतु
पौधारोपण कार्य से लाभान्वित होने वाले व्यक्ति और परिवार सभी को सार्वजनिक लाभ हुआ है।
कार्य से हितग्राही ,ग्रामीणों को आर्थिक,सामाजिक एवं अन्य लाभ भी प्राप्त हुए हैं। श्री सिंह ने बताया कि जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण, भू-क्षरण में रूकाव, जलसंरक्षण में वृद्धि एवं ग्राम पंचायत की आय में में संभावित वृद्धि हुई है।
ग्राम पंचायत के मुखिया ,कर्मचारी व ग्रामीण जनों ने पौधारोपण के लाभों से अवगत कराया
ग्राम रोजगार सहायक श्री प्रकाश आदिवासी द्वारा बातया गया कि ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के पूर्व अतिक्रमण युक्त शासकीय भूमि को अतिक्रमण हेने से बचाया जा सका है। ग्राम पंचायत के पौधारोपण कार्य की देखरेख करने वाले नन्हे पटेल की अथक मेहनत शुरूआती दौर में
जब ग्राम पंचायत में पानी की समस्या् थी उस दौरान पौधों को जल प्रदान करते हुये सिचाई कर पौधों को जीवित रखा गया जिससे आज जीवित पौधे ग्राम पंचायत की आय के स्रोत के रूप में परिणित हुये है।
समाज में हुआ बदलाव परिलक्षित
सचिव सुरेंद्र हल्दकार ने बताया कि ग्राम पंचायत नयाखेडा की दृढ़ इच्छाशक्ति, वरिष्ठ अधिकारियों सीईओ जिला पंचायत एवं जनपद के मार्गदर्शन के परिणाममूलक प्रयासो व 797 मनरेगा श्रमिकों के लगातार मेहनत से नयाखेडा गाँव की छरू एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर हरा-भरा बना दिया है। महज तीन साल की अवधि में रोपे गए सभी पौधे आज कम से कम दस फीट के हरे-भरे पेड़ बन चुके हैं। ग्राम पंचायत में फैली सघन हरियाली और उनके मध्य उड़ती रंग-बिरंगी तितलियाँ व विभिन्न प्रजाति के पक्षियों की आवाजों ने इसे परंपरागत वृक्षारोपण से अलग कर विशेष वृक्षारोपण का दर्जा दे रहे हैं।
ग्राम पंचायत ने महात्मी गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से गाँव की खाली जमीन पर महज तीन वर्ष पूर्व आम ,आंवला, सागौन अमरुद एवं अन्य 1780 छायादार और फलदार मिश्रित प्रजातियों के पौधे लगाए थे। अब ये पौधे पेड़ बन चुके हैं और कुछ में फल भी आने लगे हैं। इस वृक्षारोपण ने रिक्त भूमि को हरियाली की चादर से ढंक दिया है। इस हरियाली से गाँव की आबो-हवा अब स्वच्छ होने के साथ-साथ आस-पास का पर्यावरण स्वच्छ होने के साथ और भी बेहतर हो रहा है। ग्राम पंचायत के ग्राम रोजगार सहायक एवं मेट,पौधरक्षक श्री नन्हें पटेल इस संबंध में बताते हैं कि जलसंरक्षण एवं सवर्धन के लिए पंचायत ने खाली पडी शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण का प्रस्ताव रखा था, जिस पर जून 2018 में राशि रूपये 5.44 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई। ग्रामीणों को रोजगार देने और जलसंरक्षण एवं सवर्धन के लिए 24 जुलाई 2018 को पंचायत ने वृक्षारोपण का काम शुरु किया। भूमि पर 3 फीट गहराई से मिट्टी खोदकर, उसमें वर्मी कम्पोस्ट डालकर उसे उपजाऊ बनाया गया। पौधों को रोपने का कार्य गाँव के लगभग 697 मनरेगा श्रमिकों ने अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रुप में पूरा किया है। इन्हें महात्मा गांधी नरेगा से 4539 मानव दिवस का सीधा रोजगार उपलब्ध कराते हुए, 4.83 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान किया गया। अब प्लांटेशन के आस-पास का भू-जल स्तर 75 से 80 फीट का हो गया है, जो कभी 100 फीट के निचले स्तर पर चला गया था। बंजर भूमि की बदली इस तस्वीर ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर काफी प्रभावित किया है। इस वृक्षारोपण से ग्राम पंचायत नयाखेडा को लगभग 2 साल के अन्दर फलदार पौधो से लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय होना संभावित है। हरा भरा वातावरण ,स्वच्छ वायु मंडल, बारिश के पानी को भी आमंत्रित करता है। ग्रामीण जन वृक्षारोपण कार्य से हर्षित और प्रफुल्लित हैं। ग्रामीणों ने शासन की इस महत्वपूर्ण योजना से लाभान्वित कराने हेतु कृतज्ञता और आभार व्यक्त कर रहे हैं।
