रिपोर्टर संतोष चौबे
पन्ना। कार्यालय जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना के सहा. मीडिया प्रभारी/सहा.जिला लोक अभियोजन अधिकारी रोहित गुप्ता के बताये अनुसार अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि, घटना दिनांक 08.02.2022 को थाना अमानगंज में उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ एस.एस.परिहार को मुखबिर द्वारा अभियुक्त घिन्नू उर्फ रामआसरे कोरी द्वारा अवैध रूप से मादक पदार्थ गंाजा, सिमरिया तिराहा से अपने गांव, थैले में रखे लिये जा रहे होने की सूचना प्राप्त हुयी थी। तत्पश्चात हमराह पुलिस बल मुखबिर के बताये स्थान हनुमान मंदिर के पास तालाब के बंधान ग्राम गड़ोखर पहुंचा तो वहां पर खेतों की तरफ से एक व्यक्ति हाथ में थैला लिये आते दिखा जो पुलिस को देखकर भागने लगा, जिस पर उसे घेराबंदी करके पकड़ा गया एवं उससे उसका नाम पता पूछा गया तो उसने अपना नाम घिन्नू उर्फ रामआसरे कोरी होना बताया गया, जिसके संबंध में मौके पर मौका पंचनामा बनाया गया। अभियुक्त की तलाशी ली गयी तो उसके पास एक प्लास्टिक के थैला में चैड़ी टेप से पैकिंगशुदा 10 पैकेट, एक पन्नी में खुला हुआ मादक पदार्थ गांजा, एक छोटी स्टील की कटोरी की तराजू, 50-100 ग्राम के लोहे के दो बांट, एक प्लास्टिक की पाॅलीथिन में नगद 2,000/-रूपये, गुलाबी पीले रंग की 15 नग पाॅलीथिन रखे पाया गया जिसके संबंध में बरामदगी पंचनामा बनाया गया एवं उक्त पैकिंगशुदा 10 पैकेटों को खोलकर प्लास्टिक की पन्नी पर मादक पदार्थ को समरस कर समरस पंचनामा तैयार किया गया एवं मादक पदार्थ को रगड़कर, सूंघकर, जलाकर पहचान की गयी तो मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया जिसके संबंध में पहचान पंचनामा बनाया गया। अभियुक्त के आधिपत्य से जप्तशुदा गांजे की तौल करायी गयी तो कुल 11 किलो 800 ग्राम सूखा गांजा होना पाया गया। अभियुक्त के विरूद्ध थाना अमानगंज के अपराध क्रमांक-95/2022 में प्रकरण दर्ज कर स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा-8/20 के आरोप में प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई तथा प्रकरण अनुसंधान में लिया गया। साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गये। सम्पूर्ण अनुसंधान कार्यवाही उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध उक्त अपराध में अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय श्रीमान कमलेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश(एनडीपीएस एक्ट) के न्यायालय मे प्रकरण का विचारण हुआ। न्यायालय मे शासन की ओर से पैरवी करते हुए श्री चन्द्रपाल प्रजापति अपर लोक अभियोजक द्वारा दौरान विचारण अभियोजन के साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लिपिबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध आरोप को संदेह से परे प्रमाणित किया तथा आरोपी का कृत्य गंभीरतम होने के कारण उन्हे कठोर से कठोरतम सजा दिये जाने का अनुरोध किया। अभिलेख पर आई साक्ष्य और अभियोजक के तर्को एवं न्यायिक दृष्टांतो से संतुष्ट होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी घिन्नू उर्फ रामआसरे कोरी को धारा-8/20(बी)(पप)(बी) एनडीपीएस एक्ट में 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
रोहित गुप्ता
सहा. मीडिया प्रभारी/
सहा. लोक अभियोजन अधिकारी
जिला पन्ना म.प्र.
